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भारत में पहला ATM कब लगा? किस बैंक ने लगाया और कैसे हुई शुरुआत (2026)

By Pritam Kumar September 4, 2026 ⏱ 2 min read

आज अगर आपको अचानक रात में पैसे की जरूरत पड़ जाए, तो बैंक खुलने का इंतजार करने की जरूरत नहीं होती। नजदीकी ATM पर जाइए, कार्ड डालिए, PIN दर्ज कीजिए और कुछ ही समय में Cash आपके हाथ में होता है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत में पहला ATM कब लगा था? पहला ATM किस बैंक ने लगाया था और उस समय लोग ATM से पैसे कैसे निकालते थे?

आज ATM हमारी रोजमर्रा की Banking का हिस्सा है, लेकिन इसकी शुरुआत आज की तरह आसान नहीं थी। जिस मशीन से हम कुछ सेकंड में पैसे निकाल लेते हैं, उसके पीछे Banking और Technology के कई दशकों का विकास छिपा है।

भारत में ATM की शुरुआत 1987 में मुंबई से हुई थी और HSBC ने देश का पहला ATM स्थापित किया था।

आइए जानते हैं ATM का इतिहास, दुनिया का पहला ATM, भारत में पहला ATM और ATM ने Banking System को कैसे बदल दिया।

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ATM क्या होता है?

ATM का पूरा नाम Automated Teller Machine है।

यह एक ऐसी Electronic Banking Machine है जिसके माध्यम से ग्राहक बैंक की शाखा में जाए बिना कई Banking Services का इस्तेमाल कर सकता है।

ATM के जरिए आमतौर पर ये काम किए जा सकते हैं:

  • Cash Withdrawal
  • Balance Enquiry
  • Mini Statement
  • PIN Change
  • कुछ मामलों में Cash Deposit
  • अन्य बैंकिंग सेवाएं, जो संबंधित ATM पर उपलब्ध हों

ATM का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ग्राहक को हर छोटी Banking जरूरत के लिए Bank Branch में जाने की आवश्यकता कम हो जाती है।

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ATM की जरूरत क्यों पड़ी?

ATM आने से पहले बैंकिंग काफी हद तक Bank Branch और Banking Hours पर निर्भर थी।

अगर किसी व्यक्ति को खाते से Cash निकालना होता था, तो उसे बैंक की शाखा में जाना पड़ता था। बैंक बंद होने के बाद तुरंत Cash निकालना आसान नहीं था।

यही समस्या Self-Service Banking की जरूरत को बढ़ाने वाली प्रमुख वजहों में से एक बनी।

Technology के विकास के साथ बैंकों ने ऐसी मशीनों पर काम शुरू किया जो ग्राहकों को Bank Staff की मदद के बिना कुछ Banking Services उपलब्ध करा सकें।

इसी विचार ने आगे चलकर आधुनिक ATM का रूप लिया।

दुनिया का पहला ATM कब लगा था?

ATM का इतिहास भारत से काफी पुराना है।

दुनिया का पहला ATM या Automated Cash Dispenser आम तौर पर 27 जून 1967 को लंदन के Enfield में Barclays Bank की शाखा में स्थापित मशीन को माना जाता है। इस मशीन को John Shepherd-Barron और De La Rue की Engineering Team से जोड़ा जाता है।

हालांकि ATM के विकास की कहानी केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं थी। अलग-अलग देशों में कई इंजीनियर और कंपनियां Automated Cash Dispensing Technology पर काम कर रही थीं।

इसलिए आधुनिक ATM के विकास को एक लंबी तकनीकी प्रक्रिया के रूप में समझना ज्यादा सही है।

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पहला ATM किसने बनाया था?

ATM के इतिहास में John Shepherd-Barron का नाम सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है।

उन्होंने De La Rue में काम करते हुए Automated Cash Dispenser की अवधारणा को विकसित करने वाली टीम का नेतृत्व किया। 1967 में Barclays Bank की Enfield शाखा में इस तरह की पहली प्रसिद्ध Cash Machine स्थापित हुई।

पहली मशीन आज के ATM से काफी अलग थी।

उस समय आज की तरह Plastic Debit Card का इस्तेमाल नहीं होता था। शुरुआती मशीन में विशेष Paper Voucher का इस्तेमाल किया जाता था और ग्राहक को एक Identification Number दर्ज करना पड़ता था।

यानी आज के ATM Card और PIN आधारित अनुभव का विकास धीरे-धीरे हुआ।

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भारत में पहला ATM कब लगा?

अब आते हैं सबसे महत्वपूर्ण सवाल पर—

भारत में पहला ATM साल 1987 में लगाया गया था।

भारत में पहला ATM HSBC ने मुंबई में स्थापित किया था। HSBC की आधिकारिक India history के अनुसार, बैंक ने 1987 में देश का पहला ATM पेश किया।

BARCLAYS CASH

यह भारत के Banking इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव था।

उस समय ATM जैसी सुविधा भारतीय ग्राहकों के लिए बिल्कुल नई थी। Bank Branch के बाहर मशीन के जरिए Cash निकालने की अवधारणा आज की तुलना में काफी अलग और नई Technology थी।

भारत में पहला ATM किस बैंक ने लगाया?

भारत में पहला ATM लगाने वाला बैंक HSBC था।

HSBC की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उसने 1987 में भारत का पहला ATM शुरू किया था।

इस तरह अगर परीक्षा या सामान्य ज्ञान में पूछा जाए—

प्रश्न: भारत में पहला ATM किस बैंक ने लगाया था?

उत्तर: HSBC

और अगर पूछा जाए—

प्रश्न: भारत में पहला ATM कब लगा था?

उत्तर: 1987

प्रश्न: भारत में पहला ATM किस शहर में लगा था?

उत्तर: मुंबई

1987 से पहले भारत में पैसे कैसे निकाले जाते थे?

आज ATM से पैसे निकालना इतना सामान्य है कि यह कल्पना करना मुश्किल है कि कभी इसके लिए बैंक की शाखा पर निर्भर रहना पड़ता था।

ATM के व्यापक इस्तेमाल से पहले Cash Withdrawal मुख्य रूप से Bank Branch के माध्यम से किया जाता था।

ग्राहक को बैंक जाना पड़ता था, आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होती थी और बैंक कर्मचारी Cash Withdrawal को पूरा करते थे।

इसका मतलब था कि:

  • बैंक के Working Hours का ध्यान रखना पड़ता था।
  • छुट्टी के दिन Banking Services सीमित हो सकती थीं।
  • Cash निकालने के लिए Branch तक जाना पड़ता था।
  • बैंक में भीड़ होने पर समय लग सकता था।

ATM ने इसी प्रक्रिया को काफी हद तक बदल दिया।

ATM TIMELINE

ATM ने Banking को कैसे बदला?

ATM ने Banking में Self-Service का विचार मजबूत किया।

पहले ग्राहक को कई छोटे कामों के लिए बैंक कर्मचारी की सहायता लेनी पड़ती थी। ATM के आने के बाद कुछ सेवाएं ग्राहक खुद कर सकता था।

इससे Banking में कई बदलाव आए।

1. 24×7 Banking की शुरुआत

ATM ने ग्राहकों को बैंक की सामान्य शाखा के समय के बाहर भी Cash Access की सुविधा देने की दिशा में बड़ा बदलाव किया।

2. Bank Branch पर निर्भरता कम हुई

Cash निकालने जैसे सामान्य काम के लिए हर बार Branch जाने की जरूरत कम हुई।

3. Self-Service Banking बढ़ी

ग्राहक खुद मशीन के जरिए Banking Transaction करने लगा।

4. Banking Technology को बढ़ावा मिला

ATM के बाद Banking Technology में लगातार नए बदलाव हुए और आगे चलकर Internet Banking तथा Mobile Banking जैसी सेवाओं का विस्तार हुआ।

ATM कैसे काम करता है?

आज के सामान्य ATM में ग्राहक को सबसे पहले अपना Debit Card या अन्य supported card मशीन में डालना या Tap करना होता है।

इसके बाद ATM ग्राहक की पहचान के लिए PIN या उपलब्ध अन्य authentication method का इस्तेमाल कर सकता है।

Cash निकालने की सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार होती है:

Card → PIN → Transaction Type → Amount → Verification → Cash

उदाहरण के लिए अगर आपको ₹5,000 निकालने हैं, तो ATM में Card डालने के बाद PIN दर्ज किया जाता है। फिर Cash Withdrawal विकल्प चुना जाता है और राशि दर्ज की जाती है।

बैंकिंग नेटवर्क और खाते की जानकारी के आधार पर Transaction verify होने के बाद ATM Cash जारी करता है।

ATM में PIN का क्या काम है?

PIN का पूरा नाम Personal Identification Number है।

यह ग्राहक की पहचान verify करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

जब ग्राहक ATM में Card डालकर PIN दर्ज करता है, तो Banking System यह जांच करता है कि दी गई जानकारी Transaction के लिए सही है या नहीं।

इसीलिए ATM PIN को किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए।

ATM से सिर्फ पैसे ही निकाले जाते हैं?

नहीं।

ATM की सुविधाएं मशीन और बैंक के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।

आमतौर पर ATM से:

  • Cash Withdrawal
  • Balance Enquiry
  • Mini Statement
  • PIN Change

जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं।

कुछ मशीनों में Cash Deposit या अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकती हैं।

हालांकि हर ATM पर सभी सुविधाएं उपलब्ध हों, यह जरूरी नहीं है।

ATM Network क्या होता है?

शुरुआती दौर में ATM का इस्तेमाल अक्सर उसी बैंक के ग्राहकों तक सीमित था।

लेकिन जैसे-जैसे Banking Technology विकसित हुई, अलग-अलग बैंकों और ATM Networks के बीच Connectivity बढ़ी।

इससे ग्राहक को दूसरे बैंक के ATM से भी Cash निकालने की सुविधा मिलने लगी, हालांकि इसके लिए बैंक और नेटवर्क के नियम लागू हो सकते हैं।

यही Interconnected ATM Network आज के Banking System का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

भारत में ATM का विस्तार कैसे हुआ?

1987 में भारत में ATM की शुरुआत होने के बाद धीरे-धीरे अन्य बैंकों ने भी इस Technology को अपनाना शुरू किया।

ATM का विस्तार केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा। समय के साथ Banking Networks के विस्तार और Technology के विकास ने ATM को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया।

ATM की संख्या बढ़ने के साथ लोगों की Banking आदतों में भी बदलाव आया।

अब Cash Withdrawal के लिए हर बार Bank Branch जाने की जरूरत नहीं रही।

ATM और Debit Card में क्या अंतर है?

कई लोग ATM और Debit Card को एक ही चीज समझते हैं, लेकिन दोनों अलग हैं।

ATM एक Machine है, जबकि Debit Card एक Payment और Banking Instrument है।

Debit Card का इस्तेमाल ATM से Cash निकालने के अलावा कई अन्य जगहों पर Payment के लिए भी किया जा सकता है।

सरल शब्दों में:

ATM = मशीन

Debit Card = कार्ड

PIN = सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाला Personal Identification Number

ATM और आज की Digital Banking

ATM ने जिस Self-Service Banking की शुरुआत को मजबूत किया, वही बदलाव आगे चलकर Digital Banking तक पहुंचा।

आज ग्राहक:

  • Mobile Banking
  • Internet Banking
  • UPI
  • Debit/Credit Card
  • Digital Wallet
  • QR Payment

जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल करता है।

फिर भी ATM का महत्व पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, खासकर उन परिस्थितियों में जहां Physical Cash की जरूरत होती है।

ATM के इतिहास की महत्वपूर्ण Timeline

वर्षमहत्वपूर्ण घटना
1967लंदन के Enfield में Barclays शाखा पर दुनिया का पहला प्रसिद्ध ATM/Cash Machine स्थापित हुआ
1987HSBC ने भारत में पहला ATM शुरू किया
इसके बादभारत में अन्य बैंकों और ATM Networks का विस्तार शुरू हुआ
बाद के वर्षों मेंATM से Interbank Transactions और कई अन्य Banking Services का विस्तार हुआ
आजATM आधुनिक Banking Infrastructure का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है

दुनिया के पहले ATM की 27 जून 1967 की शुरुआत और भारत में 1987 में HSBC द्वारा पहला ATM स्थापित किए जाने की जानकारी कई ऐतिहासिक स्रोतों में दर्ज है।

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भारत में पहला ATM क्यों महत्वपूर्ण था?

1987 में भारत में ATM का आना केवल एक नई मशीन का आना नहीं था।

यह भारतीय Banking System के Technology आधारित परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।

इससे यह विचार मजबूत हुआ कि Banking Services को केवल Bank Counter तक सीमित रखने के बजाय Technology की मदद से ग्राहक को स्वयं सेवा दी जा सकती है।

आज जब हम कुछ सेकंड में ATM से Cash निकालते हैं, तो यह सुविधा सामान्य लगती है। लेकिन इसके पीछे कई दशकों का Technological Development है।

आज ATM का महत्व क्या है?

Digital Payments के तेजी से बढ़ने के बावजूद Cash की जरूरत पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।

छोटे कारोबार, स्थानीय बाजार, यात्रा, आपात स्थिति और कई अन्य परिस्थितियों में लोगों को अभी भी Cash की जरूरत पड़ सकती है।

ऐसे में ATM एक महत्वपूर्ण Cash Access Point बना हुआ है।

हालांकि Banking का भविष्य तेजी से Digital हो रहा है, ATM ने Modern Banking को Self-Service बनाने में जो भूमिका निभाई, वह बेहद महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

भारत में पहला ATM 1987 में HSBC द्वारा मुंबई में लगाया गया था। यह घटना भारतीय Banking इतिहास में Technology के एक नए दौर की शुरुआत का प्रतीक बनी।

दुनिया में ATM की शुरुआत इससे लगभग दो दशक पहले 1967 में लंदन के Enfield में Barclays Bank की शाखा से जुड़ी मानी जाती है।

आज ATM से Cash निकालना हमारे लिए कुछ सेकंड का काम है, लेकिन इस सुविधा तक पहुंचने में Banking Technology ने लंबा सफर तय किया है।

ATM ने Bank Counter से Self-Service Banking तक का रास्ता आसान किया और आगे आने वाली Digital Banking Revolution की नींव मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Frequently Asked Questions

भारत में पहला ATM 1987 में लगाया गया था।

भारत में पहला ATM HSBC ने लगाया था।

भारत में पहला ATM मुंबई में लगाया गया था।

दुनिया का पहला प्रसिद्ध ATM या Automated Cash Dispenser 27 जून 1967 को लंदन के Enfield में Barclays Bank की शाखा में स्थापित किया गया था।

ATM का पूरा नाम Automated Teller Machine है।

ATM का इस्तेमाल Cash Withdrawal, Balance Enquiry, Mini Statement, PIN Change और कुछ मशीनों में Cash Deposit जैसी Banking Services के लिए किया जाता है।

ATM की शुरुआत Banking Services को अधिक सुविधाजनक बनाने और ग्राहकों को Bank Branch के बाहर भी कुछ सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हुई।

आमतौर पर ATM से Cash निकालने के लिए Debit Card या supported card और उसका PIN जरूरी होता है। उपलब्ध सुविधाएं बैंक और ATM के अनुसार अलग हो सकती हैं।

PIN का पूरा नाम Personal Identification Number है। इसका इस्तेमाल ATM Transaction के दौरान ग्राहक की पहचान सत्यापित करने के लिए किया जाता है।

नहीं। ATM से Cash Withdrawal के अलावा Balance Enquiry, Mini Statement और PIN Change जैसी सुविधाएं भी मिल सकती हैं। कुछ ATM में Cash Deposit की सुविधा भी होती है।

भारत में पहला ATM कब लगा? किस बैंक ने लगाया और कैसे हुई शुरुआत (2026)

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Pritam Kumar

नमस्कार, मेरा नाम प्रीतम कुमार है। मैं एक डिजिटल उद्यमी, ब्लॉगर और कंटेंट क्रिएटर हूँ। मुझे टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, इंटरनेट, डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन बिजनेस और सामान्य ज्ञान जैसे विषयों पर रिसर्च करना और लेख लिखना पसंद है।

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