Frequently Asked Questions
अशोक महान मौर्य साम्राज्य के तीसरे और सबसे प्रसिद्ध सम्राट थे। उन्होंने लगभग 268 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व तक शासन किया और कलिंग युद्ध के बाद बौद्ध धर्म अपनाकर शांति, अहिंसा और मानवता का संदेश दिया।
अशोक महान का जन्म लगभग 304 ईसा पूर्व माना जाता है। उनके जन्मस्थान के बारे में इतिहासकारों में मतभेद हैं, इसलिए इसका सटीक स्थान निश्चित रूप से ज्ञात नहीं है।
अशोक के पिता मौर्य सम्राट बिंदुसार और दादा मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य थे।
कलिंग युद्ध लगभग 261 ईसा पूर्व हुआ था। यह युद्ध मौर्य साम्राज्य और कलिंग राज्य (वर्तमान ओडिशा) के बीच लड़ा गया था।
कलिंग युद्ध में हुए भारी जनहानि से प्रभावित होकर अशोक ने हिंसा का मार्ग छोड़ दिया, बौद्ध धर्म अपनाया और जीवनभर शांति, अहिंसा तथा जनकल्याण को बढ़ावा दिया।
अशोक का धम्म नैतिक जीवन जीने की एक नीति थी, जिसमें सत्य, करुणा, अहिंसा, धार्मिक सहिष्णुता, माता-पिता का सम्मान और सभी जीवों के प्रति दया जैसे सिद्धांत शामिल थे।
सारनाथ स्थित अशोक स्तंभ भारत का राष्ट्रीय प्रतीक है। इसके शीर्ष पर बने चार सिंह शक्ति, साहस, आत्मविश्वास और गौरव का प्रतीक माने जाते हैं।
अशोक चक्र की 24 तीलियां जीवन में निरंतर प्रगति, न्याय, धर्म और कर्म के मार्ग का प्रतीक मानी जाती हैं। यही चक्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज के मध्य भी अंकित है।
अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए भारत और विदेशों में दूत भेजे। उन्होंने अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा, जहां बौद्ध धर्म का व्यापक प्रसार हुआ।
अशोक को 'महान' इसलिए कहा जाता है क्योंकि उन्होंने युद्ध और हिंसा का त्याग कर शांति, अहिंसा, धार्मिक सहिष्णुता और जनकल्याण को अपने शासन का आधार बनाया। उनकी नीतियों और आदर्शों का प्रभाव आज भी पूरी दुनिया में देखा जाता है।


