Frequently Asked Questions
इमरजेंसी फंड (Emergency Fund) ऐसी बचत होती है, जिसे नौकरी छूटने, अचानक बीमारी, दुर्घटना या अन्य आर्थिक संकट के समय आवश्यक खर्चों को पूरा करने के लिए अलग रखा जाता है।
सामान्य तौर पर कम से कम 3 से 6 महीने के आवश्यक खर्चों के बराबर इमरजेंसी फंड होना चाहिए। वहीं फ्रीलांसर और बिजनेस करने वालों के लिए 9 से 12 महीने के खर्च के बराबर राशि रखना बेहतर माना जाता है।
सामान्य बचत का उपयोग किसी भी उद्देश्य के लिए किया जा सकता है, जबकि इमरजेंसी फंड केवल आपातकालीन परिस्थितियों के लिए रखा जाता है और इसे बिना जरूरत खर्च नहीं करना चाहिए।
इमरजेंसी फंड का एक हिस्सा सेविंग्स बैंक अकाउंट में और बाकी लिक्विड म्यूचुअल फंड या Flexi FD में रखना अच्छा विकल्प माना जाता है, क्योंकि यहां से जरूरत पड़ने पर जल्दी पैसा निकाला जा सकता है।
हाँ। अधिकांश वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शेयर बाजार, SIP या म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करने से पहले कम से कम 3–6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड तैयार कर लेना चाहिए।
नहीं। इमरजेंसी फंड का उद्देश्य अधिक रिटर्न कमाना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर तुरंत पैसा उपलब्ध कराना है। इसलिए इसे शेयर बाजार, क्रिप्टोकरेंसी या अन्य जोखिम वाले निवेश में नहीं रखना चाहिए।
सबसे पहले अपना मासिक बजट बनाएं, फिर हर महीने एक निश्चित राशि अलग बचाएं। ऑटो-ट्रांसफर की सुविधा चालू करें और बोनस या अतिरिक्त आय का कुछ हिस्सा भी इमरजेंसी फंड में जोड़ते रहें।
हाँ। चाहे आपकी आय कम हो या अधिक, छोटी-छोटी नियमित बचत से इमरजेंसी फंड बनाना शुरू करना चाहिए। यह भविष्य में आने वाली आर्थिक चुनौतियों का सामना करने में मदद करता है।


