Frequently Asked Questions
ब्लड शुगर नियंत्रित रखने के लिए संतुलित आहार लें, नियमित व्यायाम करें, पर्याप्त पानी पिएं, समय पर दवा लें और डॉक्टर की सलाह का पालन करें। यदि शुगर का स्तर बहुत अधिक हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डायबिटीज़ में सेब, अमरूद, संतरा, नाशपाती और जामुन जैसे कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल सीमित मात्रा में खाए जा सकते हैं। फल की मात्रा डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार रखें।
हाँ, रोज़ाना 30–45 मिनट तेज़ पैदल चलना और भोजन के बाद 10–15 मिनट टहलना कई लोगों में ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में मददगार हो सकता है।
असंतुलित खान-पान, शारीरिक गतिविधि की कमी, मोटापा, तनाव, पर्याप्त नींद न लेना, आनुवंशिक कारण और इंसुलिन की कमी या उसका सही तरीके से काम न करना ब्लड शुगर बढ़ने के प्रमुख कारण हैं।
मिठाई, चीनी, कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, मैदा से बनी चीज़ें, फास्ट फूड और अधिक तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित या डॉक्टर की सलाह के अनुसार करना चाहिए।
टाइप 2 डायबिटीज़ के कई मामलों में स्वस्थ जीवनशैली, वजन नियंत्रण और डॉक्टर द्वारा बताए गए उपचार से ब्लड शुगर को अच्छी तरह नियंत्रित रखा जा सकता है। उपचार और स्थिति व्यक्ति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
जांच की आवृत्ति आपकी स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करती है। यदि आपको डायबिटीज़ है, तो नियमित अंतराल पर फास्टिंग, पोस्ट मील (PP) और HbA1c की जांच करवाना उपयोगी रहता है।
बार-बार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक थकान, धुंधला दिखाई देना, अचानक वजन कम होना और घावों का देर से भरना हाई ब्लड शुगर के सामान्य लक्षण हो सकते हैं। यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लें।


