आज हम मोबाइल, इंटरनेट, YouTube और podcasts के जरिए कुछ ही सेकंड में दुनिया की खबरें सुन लेते हैं। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब दूर बैठे लोगों तक बिना तार के आवाज पहुंचाना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जाता था।
भारत में रेडियो का इतिहास भी बेहद दिलचस्प है। इसकी शुरुआत आजादी से बहुत पहले हुई थी और धीरे-धीरे यही रेडियो सेवा All India Radio (AIR) और फिर आकाशवाणी के नाम से पूरे देश में फैल गई।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में रेडियो की शुरुआत 1936 में नहीं हुई थी?
तो फिर भारत में पहली बार रेडियो प्रसारण कब हुआ? पहला रेडियो स्टेशन कौन-सा था? Indian Broadcasting Company क्या थी? सरकार ने रेडियो की जिम्मेदारी कब संभाली? All India Radio कब बना और “आकाशवाणी” नाम कब अपनाया गया?
आइए भारत में रेडियो प्रसारण के शुरुआती दौर से लेकर आकाशवाणी बनने तक की पूरी कहानी जानते हैं।
भारत में रेडियो प्रसारण पहली बार कब शुरू हुआ?
भारत में रेडियो प्रसारण की शुरुआत जून 1923 में हुई थी।
प्रसार भारती के आधिकारिक इतिहास के अनुसार, Radio Club of Bombay ने जून 1923 में भारत का पहला रेडियो प्रसारण किया था। इसके लगभग पांच महीने बाद, नवंबर 1923 में Calcutta Radio Club ने भी कार्यक्रम प्रसारित करने शुरू किए।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि भारत में रेडियो की शुरुआत 1936 में हुई थी।
1936 में All India Radio अस्तित्व में आया था, जबकि भारत में रेडियो प्रसारण लगभग 13 साल पहले, 1923 में शुरू हो चुका था।
हालांकि उस समय कोई देशव्यापी सरकारी रेडियो सेवा नहीं थी। शुरुआती प्रसारण मुख्य रूप से रेडियो क्लबों के माध्यम से सीमित स्तर पर किए जाते थे।
1924 में मद्रास में भी शुरू हुआ रेडियो प्रसारण
रेडियो प्रसारण धीरे-धीरे भारत के दूसरे शहरों तक भी पहुंचने लगा।
31 जुलाई 1924 को Madras Presidency Radio Club ने broadcasting service शुरू की। इससे भारत में शुरुआती रेडियो नेटवर्क का विस्तार हुआ।
उस समय रेडियो अभी एक नई तकनीक थी और इसके श्रोता भी सीमित संख्या में थे। लेकिन आने वाले वर्षों में रेडियो का स्वरूप तेजी से बदलने वाला था।

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1927 में शुरू हुआ संगठित रेडियो प्रसारण
भारत के रेडियो इतिहास में 1927 एक महत्वपूर्ण वर्ष था।
इसी वर्ष Indian Broadcasting Company (IBC) के माध्यम से Bombay और Calcutta में संगठित broadcasting service शुरू हुई।
23 जुलाई 1927 को Bombay Station का उद्घाटन
23 जुलाई 1927 को Indian Broadcasting Company के Bombay Station का उद्घाटन तत्कालीन वायसराय Lord Irwin ने किया।
यह तारीख भारतीय broadcasting history में महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसी दिन की याद में भारत में National Broadcasting Day मनाया जाता है।
यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है:
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जून 1923 — Radio Club of Bombay ने भारत का पहला रेडियो broadcast किया।
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23 जुलाई 1927 — Indian Broadcasting Company के Bombay Station से संगठित broadcasting शुरू हुई।
इसलिए 1923 को भारत में शुरुआती रेडियो प्रसारण की शुरुआत और 1927 को संगठित broadcasting service के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में समझना ज्यादा सही है।
26 अगस्त 1927 को Calcutta Station शुरू हुआ
Bombay के बाद 26 अगस्त 1927 को Indian Broadcasting Company का Calcutta Station भी शुरू हुआ।
इसके साथ भारत में रेडियो प्रसारण को एक अधिक व्यवस्थित स्वरूप मिलने लगा।
भारत में रेडियो समाचार की शुरुआत कब हुई?
रेडियो का इस्तेमाल केवल संगीत और मनोरंजन के लिए नहीं था। बहुत जल्द इसका उपयोग समाचार प्रसारित करने के लिए भी किया जाने लगा।
23 जुलाई 1927 को Bombay Station से भारत का पहला radio news bulletin प्रसारित हुआ। इसके लगभग एक महीने बाद 26 अगस्त 1927 को Calcutta Station से बंगाली भाषा में एक और news bulletin शुरू किया गया।
प्रसार भारती के अनुसार, 1935 तक Bombay से English और Hindustani में तथा Calcutta से Bengali में समाचार bulletins प्रसारित किए जा रहे थे।
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दिल्ली से पहला रेडियो समाचार
दिल्ली में broadcasting का एक महत्वपूर्ण पड़ाव 19 जनवरी 1936 को आया।
इस दिन Delhi Station से पहला news bulletin प्रसारित हुआ और इसी के साथ वहां transmission service भी शुरू हुई। English और Hindustani में समाचार तथा current affairs से जुड़े कार्यक्रम भी शुरू किए गए।
Indian Broadcasting Company बंद क्यों हुई?
Indian Broadcasting Company ज्यादा लंबे समय तक नहीं चल सकी।
कंपनी को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और 1 मार्च 1930 को IBC liquidation में चली गई। इसके बाद broadcasting सीधे भारत सरकार के नियंत्रण में आ गई।
यहीं से भारत में सरकारी रेडियो broadcasting के एक नए दौर की शुरुआत हुई।
1930 में सरकार ने रेडियो सेवा संभाली
1 अप्रैल 1930 को Indian State Broadcasting Service (ISBS) ने experimental basis पर काम करना शुरू किया।
यह सेवा Department of Industries and Labour के अंतर्गत शुरू हुई थी।
अब भारत में broadcasting का संचालन निजी कंपनी के बजाय सरकार के नियंत्रण में आ गया था।
धीरे-धीरे रेडियो का इस्तेमाल समाचार, जानकारी, शिक्षा, मनोरंजन और सार्वजनिक हित के कार्यक्रमों के लिए किया जाने लगा।
1935 में बने पहले Controller of Broadcasting
रेडियो broadcasting को अधिक व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए Controller of Broadcasting का पद बनाया गया।
30 अगस्त 1935 को Lionel Fielden को भारत का पहला Controller of Broadcasting नियुक्त किया गया।
यह भारतीय broadcasting व्यवस्था को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
1935 में Mysore का “Akashvani” Radio Station
आकाशवाणी नाम से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी 1935 में सामने आती है।
10 सितंबर 1935 को Mysore में एक निजी radio station स्थापित किया गया, जिसका नाम “Akashvani Mysore” था।
यानी “Akashvani” शब्द का इस्तेमाल राष्ट्रीय broadcaster के लिए अपनाए जाने से पहले भी एक निजी radio station के नाम में हो चुका था।
बाद में यही नाम राष्ट्रीय broadcaster के साथ जुड़ गया।
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1936 में All India Radio कैसे बना?
अब भारत के रेडियो इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण तारीखों में से एक आती है।
8 जून 1936 को Indian State Broadcasting Service का नाम बदलकर All India Radio (AIR) कर दिया गया।

यही वह समय था जब भारत के राष्ट्रीय रेडियो broadcaster की पहचान के रूप में All India Radio नाम सामने आया।
इसलिए इतिहास को इस तरह समझना सबसे आसान है:
1923 → भारत में शुरुआती रेडियो प्रसारण
1927 → Indian Broadcasting Company के तहत संगठित broadcasting
1930 → सरकार के नियंत्रण में broadcasting
1936 → All India Radio का गठन
1937 में Central News Organisation की स्थापना
Radio news को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए 1 अगस्त 1937 को Central News Organisation (CNO) की स्थापना हुई।
इसके बाद समाचार प्रसारण का विस्तार हुआ और अलग-अलग भारतीय भाषाओं में news bulletins को व्यवस्थित रूप से प्रसारित किया जाने लगा।
इससे रेडियो केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि समाचार और सार्वजनिक सूचना का महत्वपूर्ण माध्यम भी बन गया।
आजादी के समय भारत में कितने रेडियो स्टेशन थे?
जब भारत 1947 में स्वतंत्र हुआ, तब देश में All India Radio के केवल 6 radio stations थे:
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Delhi
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Bombay
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Calcutta
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Madras
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Tiruchirapalli
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Lucknow
उस समय AIR की पहुंच लगभग 2.5% भारतीय क्षेत्र और 11% आबादी तक थी।
आज के विशाल radio network की तुलना में यह शुरुआत काफी छोटी थी।
लेकिन स्वतंत्रता के बाद रेडियो के विस्तार ने भारत के संचार तंत्र को पूरी तरह बदल दिया।
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आजादी के बाद रेडियो का तेजी से विस्तार
स्वतंत्रता के बाद All India Radio का नेटवर्क धीरे-धीरे देश के अलग-अलग हिस्सों तक फैलने लगा।
रेडियो का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में किया जाने लगा।
समाचार और जानकारी
देश और दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए radio news का विस्तार हुआ।
कृषि और ग्रामीण विकास
किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों तक खेती, मौसम तथा कृषि से संबंधित उपयोगी जानकारी पहुंचाने के लिए radio programmes प्रसारित किए गए।
शिक्षा
शैक्षणिक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के माध्यम से रेडियो ने शिक्षा और जागरूकता में भी भूमिका निभाई।
संगीत और मनोरंजन
भारतीय संगीत, नाटक, साहित्य और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रमों ने radio को लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया।
भारतीय भाषाएं और संस्कृति
भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को radio programmes के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया गया।
1952 में शुरू हुआ National Programme of Music
All India Radio के कार्यक्रमों का विस्तार लगातार जारी रहा।
20 जुलाई 1952 को AIR से पहला National Programme of Music प्रसारित किया गया।
इसके बाद 29 जुलाई 1953 को National Programme of Talks शुरू किया गया।
इन राष्ट्रीय कार्यक्रमों का उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों के श्रोताओं तक विशेष कार्यक्रमों को पहुंचाना था।
आकाशवाणी नाम कब अपनाया गया?
अब सबसे दिलचस्प सवाल आता है—All India Radio को आकाशवाणी कब कहा जाने लगा?

प्रसार भारती के आधिकारिक इतिहास के अनुसार, 1956 में “Akashvani” नाम राष्ट्रीय broadcaster के लिए अपनाया गया।
इस तरह All India Radio की पहचान के साथ आकाशवाणी नाम भी व्यापक रूप से जुड़ गया।
हालांकि “Akashvani” शब्द इससे पहले Mysore के एक निजी radio station के नाम में इस्तेमाल हो चुका था।
इसलिए 1956 को राष्ट्रीय broadcaster के लिए “Akashvani” नाम अपनाए जाने का महत्वपूर्ण वर्ष माना जाता है।
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1957 में शुरू हुई Vividh Bharati
1950 के दशक में रेडियो को मनोरंजन के क्षेत्र में भी और लोकप्रिय बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया।
3 अक्टूबर 1957 को Vividh Bharati Service शुरू की गई। इसमें लोकप्रिय फिल्म संगीत का महत्वपूर्ण स्थान था।
इसके बाद Vividh Bharati भारतीय श्रोताओं के बीच रेडियो मनोरंजन की एक प्रमुख पहचान बन गई।
भारत में रेडियो इतना लोकप्रिय क्यों हुआ?
भारत जैसे विशाल और भाषाई रूप से विविध देश में रेडियो की सबसे बड़ी ताकत उसकी पहुंच थी।
उस समय television और internet जैसी सुविधाएं आम लोगों के पास नहीं थीं। ऐसे में radio घर बैठे समाचार, संगीत, शिक्षा और मनोरंजन सुनने का आसान माध्यम बन गया।
रेडियो के प्रमुख उपयोग
1. समाचार
देश और दुनिया की घटनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए।
2. शिक्षा
शैक्षणिक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के प्रसारण के लिए।
3. कृषि
किसानों और ग्रामीण समुदाय तक कृषि से जुड़ी उपयोगी जानकारी पहुंचाने के लिए।
4. मनोरंजन
संगीत, नाटक और दूसरे मनोरंजन कार्यक्रमों के लिए।
5. संस्कृति
भारत की अलग-अलग भाषाओं, संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए।
भारत में रेडियो के इतिहास की Timeline
| वर्ष/तारीख | महत्वपूर्ण घटना |
|---|
| जून 1923 | Radio Club of Bombay ने भारत का पहला रेडियो broadcast किया |
| नवंबर 1923 | Calcutta Radio Club ने programmes प्रसारित किए |
| 31 जुलाई 1924 | Madras Presidency Radio Club ने broadcasting service शुरू की |
| 23 जुलाई 1927 | IBC के Bombay Station का उद्घाटन हुआ |
| 26 अगस्त 1927 | IBC का Calcutta Station शुरू हुआ |
| 1 मार्च 1930 | Indian Broadcasting Company liquidation में गई |
| 1 अप्रैल 1930 | Indian State Broadcasting Service ने experimental basis पर काम शुरू किया |
| 30 अगस्त 1935 | Lionel Fielden भारत के पहले Controller of Broadcasting बने |
| 10 सितंबर 1935 | Akashvani Mysore नाम का निजी radio station स्थापित हुआ |
| 19 जनवरी 1936 | Delhi Station से पहला news bulletin प्रसारित हुआ |
| 8 जून 1936 | Indian State Broadcasting Service का नाम All India Radio हुआ |
| 1 अगस्त 1937 | Central News Organisation की स्थापना हुई |
| 1947 | स्वतंत्रता के समय AIR के 6 radio stations थे |
| 20 जुलाई 1952 | पहला National Programme of Music प्रसारित हुआ |
| 1956 | National Broadcaster के लिए “Akashvani” नाम अपनाया गया |
| 3 अक्टूबर 1957 | Vividh Bharati Service शुरू हुई |
इन प्रमुख dates का आधार Prasar Bharati के official historical records और AIR के records हैं।
क्या भारत में रेडियो की शुरुआत 1936 में हुई थी?
नहीं।
यह भारत के radio history से जुड़ा एक आम confusion है।
1936 में All India Radio अस्तित्व में आया था, लेकिन भारत में radio broadcasting इससे लगभग 13 साल पहले, 1923 में शुरू हो चुकी थी।
पूरी कहानी को आसान तरीके से ऐसे समझ सकते हैं:
1923 → भारत में शुरुआती रेडियो प्रसारण
1927 → Indian Broadcasting Company के तहत संगठित broadcasting
1930 → Government-controlled broadcasting
1936 → All India Radio
1956 → National Broadcaster के लिए “Akashvani” नाम अपनाया गया
1957 → Vividh Bharati Service शुरू हुई
यही भारत में radio broadcasting के विकास की मुख्य यात्रा है।
निष्कर्ष
भारत में रेडियो की कहानी केवल एक नई तकनीक के आने की कहानी नहीं है। यह भारत के संचार, समाचार, शिक्षा और सांस्कृतिक इतिहास का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जून 1923 में Radio Club of Bombay के शुरुआती broadcast से शुरू हुई यह यात्रा 1927 में Indian Broadcasting Company के संगठित broadcasting तक पहुंची। 1930 में सरकार ने broadcasting की जिम्मेदारी संभाली और 1936 में Indian State Broadcasting Service का नाम All India Radio रखा गया।
इसके बाद 1956 में “Akashvani” नाम राष्ट्रीय broadcaster के लिए अपनाया गया और 1957 में Vividh Bharati की शुरुआत हुई।
आज television, internet, podcasts और social media के दौर में भी radio भारत के संचार इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
जिस माध्यम ने कभी कुछ सीमित श्रोताओं तक आवाज पहुंचाने से शुरुआत की थी, वही आगे चलकर देश के विशाल हिस्से तक समाचार, शिक्षा, संगीत और मनोरंजन पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बन गया।